(N/A) एक स्थिर व्यतिकरण पैटर्न देखने के लिए, प्रकाश के दो स्रोत सुसंगत (coherent) होने चाहिए, जिसका अर्थ है कि उन्हें समय के साथ एक स्थिर कला अंतर बनाए रखना चाहिए。
जब दो पिनहोल $S_1$ और $S_2$ को प्रकाशित करने के लिए दो स्वतंत्र प्रकाश स्रोतों (जैसे दो सोडियम लैंप) का उपयोग किया जाता है, तो प्रत्येक लैंप द्वारा उत्सर्जित प्रकाश तरंगें बहुत कम समय अंतराल ($10^{-9} \text{ s}$ के क्रम में) में अचानक और यादृच्छिक कला परिवर्तन से गुजरती हैं。
चूंकि ये कला परिवर्तन प्रत्येक लैंप के लिए स्वतंत्र और यादृच्छिक होते हैं, इसलिए $S_1$ और $S_2$ से निकलने वाली प्रकाश तरंगों के बीच कोई निश्चित कला संबंध नहीं होता है। परिणामस्वरूप, ये स्रोत असंगत (incoherent) होते हैं。
असंगत स्रोतों के मामले में, प्रकाश तरंगों की तीव्रताएं एक-दूसरे में जुड़ जाती हैं, न कि व्यतिकरण पैटर्न बनाने के लिए संपोषी और विनाशी व्यतिकरण करती हैं। इसलिए, स्क्रीन पर स्पष्ट चमकीली और काली व्यतिकरण फ्रिंज के बजाय एक समान रोशनी दिखाई देगी。